मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को अब ईंधन और रसोई गैस के लिए अपनी जेब और ढीली करनी होगी। सरकारी गैस डिस्ट्रीब्यूटर महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी का एलान कर दिया है। कंपनी द्वारा घोषित की गई ये नई दरें 30 मई 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस फैसले से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के लाखों परिवारों और वाहन चालकों का मासिक बजट प्रभावित होने की आशंका है।
इस महीने CNG की कीमतों में दूसरी बढ़ोतरी
हाल के हफ़्तों में MGL द्वारा CNG की कीमतों में की गई यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले, कंपनी ने 14 मई को CNG की दरें 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाई थीं। कीमतों में यह ताज़ा बदलाव मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के अन्य हिस्सों में लागू होगा। MGL कल्याण, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर, उस्मानाबाद, चित्रदुर्ग और दावणगेरे जैसे कई अन्य शहरों में भी गैस की सप्लाई करती है।
CNG की कीमतों में बढ़ोतरी: ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन मालिकों पर पड़ सकता है असर
इस बढ़ोतरी का असर हज़ारों ऑटो-रिक्शा चालकों, टैक्सी ऑपरेटरों और निजी वाहन मालिकों पर पड़ने की उम्मीद है, जो CNG को एक अपेक्षाकृत सस्ता ईंधन विकल्प मानते हैं। ईंधन की कीमतें फिर से बढ़ने से ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को डर है कि उनके परिचालन खर्च (ऑपरेटिंग कॉस्ट) और बढ़ जाएंगे, जिससे आने वाले हफ़्तों में किराए पर दबाव पड़ सकता है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि अगर ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो वे परिवहन अधिकारियों के सामने किराए में संशोधन के प्रस्ताव पेश कर सकते हैं।
PNG की कीमतों में बढ़ोतरी:
31 लाख से ज़्यादा परिवारों को चुकाने होंगे ज़्यादा पैसे PNG की कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरों के बजट पर भी पड़ेगा। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 31 लाख से ज़्यादा परिवार खाना पकाने के लिए पाइप वाली नेचुरल गैस पर निर्भर हैं, और अब उन्हें हर महीने ज़्यादा बिल चुकाने होंगे। हालांकि यह बढ़ोतरी मामूली लग सकती है, लेकिन यह ऐसे समय में हुई है जब उपभोक्ता पहले से ही बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं।
कीमतें क्यों बढ़ी हैं?
MGL के अधिकारियों के हवाले से मिली रिपोर्टों के अनुसार, कई वैश्विक और घरेलू कारकों के चलते गैस खरीदने की लागत बढ़ गई है। इन कारकों में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं (एनर्जी सप्लाई चेन) को प्रभावित करने वाली भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, महंगे गैस स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भारतीय रुपये का कमज़ोर होना शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन कारणों से नैचुरल गैस खरीदने की लागत में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से कीमतों में यह ताज़ा बदलाव किया गया है। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, MGL का कहना है कि पारंपरिक ईंधनों के मुकाबले CNG से अब भी काफ़ी बचत होती है। कंपनी के अनुसार, नई कीमतों पर भी मुंबई में CNG, पेट्रोल के मुकाबले लगभग 45 प्रतिशत और डीज़ल के मुकाबले लगभग 12 प्रतिशत सस्ती है। पिछले एक साल में मुंबई क्षेत्र में CNG से चलने वाले वाहनों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है, और यह संख्या 12 लाख के पार पहुँच गई है। इन वाहनों में लगभग 4.7 लाख ऑटो-रिक्शा, 1.6 लाख से ज़्यादा टैक्सियाँ और पाँच लाख से ज़्यादा निजी वाहन शामिल हैं।
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