Friday , May 29 2026

वेटलैंड को बनाया कमर्शियल हब ! विधायक की शिकायत पर CM योगी सख्त

प्रदेश के सबसे बड़े आर्द्रभूमि (वेटलैंड) में शुमार पयागपुर वेटलैंड अब मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अवैध कमाई का जरिया बन गया है। मत्स्य पालन और आखेट के नाम पर निषाद और बंगाली समाज के गरीब लोगों को दिए जाने वाले पट्टे को गाजियाबाद की एक बड़ी कंपनी को दे दिया गया। कंपनी ने एनजीटी के मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए करीब 500 हेक्टेयर में अपना कामर्शियल प्रोजेक्ट लगा दिया। यह जानकारी जब बुधवार को क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी, तो वह चौंक गए। उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी बहराइच से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है। गौरतलब हो कि बहराइच जिले में पयागपुर वेटलैंड (ताल बघेल) पारिस्थितिकी तंत्र का एक विशाल प्राकृतिक आर्द्रभूमि है। यह लगभग 1383.13 हेक्टेयर क्षेत्र और लगभग 935.42 हेक्टेयर के सहायक जलगणक क्षेत्र के साथ राष्ट्रीय आर्द्रभूमि एटलस 2010 में दर्ज है। उत्तर प्रदेश राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के अनुसार पयागपुर वेटलैंड में मानसून से पहले 392.90 हेक्टेयर और मानसून के बाद 979.80 हेक्टेयर के बीच होता है। पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने एक स्थानीय नागरिक के शिकायती पत्र के आधार पर मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस प्राकृतिक जलाशय में मत्स्य विभाग मत्स्य पालन एवं आखेट का पट्टा यहां के गरीबों को समिति के माध्यम से करता था। जिसके कारण वेटलैंड के चारों तरफ स्थित गांव यथा, काशीजोत, गंगापुर, भगतपुरवा, सत्संगनगर, राधानगर और कृष्णानगर जैसे निषाद और बंगाली बाहुल्य गांवों के लोग आखेट करके जीवन यापन करते थे। दो वर्ष पहले बहराइच जिले में तैनात रहे एडीएफ मत्स्य जितेंद्र कुमार और पीबीआर एक्वा के चेयरमैन से सांठ-गांठ के बाद पट्टे की कीमत बढ़ाकर 10 लाख कर दी गई, जिससे कि गरीब जनता बोली न लगा पाए और लगभग 500 हेक्टेयर जलाशय का पट्टा पीबीआर एक्वा को कर दिया। पीबीआर एक्वा के चेयरमैन रजनीश कुमार ने पट्टा पाते ही गरीब जनता का आखेट बंद करा दिया, जिससे वह बेरोजगार हो गए और परिवार में भुखमरी की स्थिति आ गई। पीबीआर एक्वा ने एनजीटी के मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए यहां पर हजारों बीघों में कृतिम तालाब बनवाए। ईंट और सीमेंट युक्त भवन बनवाया। यही नहीं जलाशय के अंदर विद्युतीकरण कराते हुए कई खंभे लगवा डाले। मुख्य मार्ग तक सड़क परिवहन के लिए सड़क बनवाई, जिससे बंगाली समाज के हजारों बीघे कृषि युक्त जमीनों पर बाढ़ आने लगी। यही नहीं वेटलैंड के चारों तक स्थित दो दर्जन से अधिक गांवों के मवेशी चारा चरते थे, वह भी बंद करा दिया गया। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल जिलाधिकारी को प्रकरण की जांच कराने का आदेश दिया है। विधायक सुभाष त्रिपाठी ने बताया कि आखेट पर आश्रित हजारों गरीब जनता को हम बेरोजगार नहीं होने देंगे। दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होने जा रही है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com