प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को पूरी सतर्कता बरतने को कहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें। सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार रखने, पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने और डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा सके।
सीएम योगी ने पेयजल संकट और बिजली आपूर्ति बाधित न होने पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी के दौरान अनावश्यक कटौती से बचा जाए और खराब ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदला जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढककर रखने की सलाह दी जा रही है।
19 से 21 तक चलेगी अति उष्ण लहर
मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 21 मई के बीच प्रदेश के कई जिलों में अति उष्ण लहर चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। इसे देखते हुए सरकार ने सभी जिलों को राहत और बचाव की तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में छायादार स्थानों और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्कूलों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी सावधानी संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है।
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