उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ द्वारा गुरुवार को जारी पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में कई स्थानों पर बादल छाए रहने के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने अपने राज्य स्तरीय पूर्वानुमान में कहा है कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के बाद मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। गुरुवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान सामान्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस कम 29.5 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.3 डिग्री कम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। हरदोई में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 12.7 डिग्री कम था। वहीं बरेली में अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री, मुरादाबाद में 28.2 डिग्री और अलीगढ़ में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कानपुर नगर में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और इटावा में 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वाराणसी में अधिकतम तापमान लगभग 34.5 डिग्री सेल्सियस, प्रयागराज में 33.6 डिग्री, गोरखपुर में 32.3 डिग्री तथा बलिया में 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, हालांकि यह भी सामान्य से 5.3 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार बरेली में 2.2 मिमी, मुरादाबाद में 1.4 मिमी, इटावा में 3 मिमी तथा प्रयागराज में 0.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कई अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी और ट्रेस वर्षा रिकॉर्ड की गई। आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को खेतों में कार्य करते समय सावधानी बरतने तथा आकाशीय बिजली की चेतावनी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। विभाग ने ‘मौसम’, ‘मेघदूत’ और ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप का उपयोग करने की भी सलाह दी है ताकि नागरिकों को समय रहते मौसम और बिजली गिरने की चेतावनी मिल सके।
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