पाक माह रमजान के तीस रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लकनऊ में ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जा रहा है। मस्जिदों में नमाज अदाएगी के बाद लोग एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद पेश कर रहे हैं। रमजान के 30 रोजों के बाद शुक्रवार शाम को शव्वाल का चांद नजर आया, जिसके बाद इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया और मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने ईद की तारीख की आधिकारिक घोषणा की। ऐशबाग ईदगाह में सुबह 10 बजे ईद की नमाज अदा की गई, जहां हजारों नमाजियों ने सामूहिक दुआ में हिस्सा लिया। मौलाना खालिद रशीद ने खास तौर पर अपील की कि सड़कों पर नमाज न पढ़ी जाए और सुरक्षा व अनुशासन का पूरा ख्याल रखा जाए। शहर की गलियां-महल्ले सेवईयां, शीर खुरमा, बिरयानी और तरह-तरह के मुंह मीठे व्यंजनों से महक रहे हैं। चांद रात से ही मार्केट्स में खरीदारी का रौनक था, चौक, अमीनाबाद, हजरतगंज और कैसरबाग में लोग नए कपड़े, मेहंदी और ईद की तैयारियों में जुटे दिखे। बच्चे नए जोड़े पहनकर ईदी लेने के लिए उत्साहित हैं, जबकि बड़े-बुजुर्ग आपस में मिल-जुलकर ईद मुबारकबाद दे रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने ऐशबाग ईदगाह और अन्य प्रमुख मस्जिदों के आसपास डायवर्जन लगाए हैं, ताकि नमाजियों को कोई परेशानी न हो। पूरे यूपी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लखनऊ की तहजीब आज भी कायम है-हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के साथ एक-दूसरे को मुबारकबाद दे रहे हैं।
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