ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में उत्तर प्रदेश की बीसी सखी योजना देश में पहले स्थान पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जन्मेजय शुक्ला के अनुसार, प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 40 हजार
महिलाएं गांवों में बिजनेस कॉरेस्पांडेंट सखी (बीसी सखी) के रूप में कार्य कर रही हैं। ये महिलाएं माइक्रो एटीएम और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से कैश निकासी, जमा, आधार आधारित भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाएं ग्रामीणों तक पहुंचा रही हैं। इस योजना के माध्यम से अधिकांश बीसी सखियां औसतन 10 से 15 हजार
रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं, जबकि कई महिलाएं कमीशन के जरिए 40 से 50 हजार रुपये तक कमा रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय जुड़ रहा है। बीसी सखी योजना में प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को गांवों में तैनात किया जाता है, जिससे ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं
घर के पास ही उपलब्ध हो रही हैं।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal