प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री कार्यालय की नयी इमारत सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 का शुक्रवार को उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में मील का पत्थर है और यह आधुनिक, कुशल, सुलभ एवं जन-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बयान में कहा गया है कि दशकों तक, कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बने और पुराने बुनियादी ढांचे से संचालित होते रहे हैं। बयान में कहा गया कि कार्यालयों के एक साथ नहीं होने के कारण परिचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव लागत में वृद्धि और कार्य के उचित वातावरण की समस्या पैदा हुई। इसमें कहा गया है कि नए भवन परिसर आधुनिक एवं भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करके इन समस्याओं का समाधान करते हैं। सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे। कर्तव्य भवन 1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और कई अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं। दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, संरचित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं हैं। बयान में कहा गया कि 4-स्टार जीआरआईएचए (ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटैट असेसमेंट) मानकों के अनुरूप डिजाइन किए गए इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि इन उपायों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आती है और परिचालन दक्षता बढ़ती है। इन भवन परिसरों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं जैसे कि स्मार्ट प्रवेश नियंत्रण प्रणाली, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना, जिससे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम वातावरण सुनिश्चित होता है।
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