स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति के स्थापना समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में भारत की विरासत को कोसा जाता था और रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में अपमान रामभक्तों का नहीं, बल्कि भारत की सनातन विरासत और उसके आध्यात्मिक मूल्यों का होता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विरासत और आस्था के प्रति उपेक्षा का ही परिणाम था कि उत्तर प्रदेश लूट और अराजकता का अड्डा बन गया था। उन्होंने कहा कि उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी वर्ग सुरक्षित महसूस करता था। कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमराई हुई थी, जिससे आम नागरिक भय के माहौल में जीने को मजबूर था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब सनातन विरासत का सम्मान हो रहा है, आध्यात्मिक मूल्यों को संरक्षण मिल रहा है और सख्त कानून-व्यवस्था के चलते अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बेटियां भी सुरक्षित हैं और व्यापारी भी निर्भय होकर अपने व्यापारिक कार्य कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि संत समाज भारत की आत्मा है और आध्यात्मिक परंपराएं राष्ट्र को दिशा देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संतों के विचार और संदेश समाज में नैतिकता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत करते हैं।
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