Friday , January 30 2026

अमेरिका लौटाएगा तमिलनाडु की तीन प्राचीन मुर्तिया

अमेरिका भारत को तीन प्राचीन कांस्य मूर्तियां लौटाएगा जिन्हें देश के मंदिरों से अवैध रूप से हटा दिया गया था। वाशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल म्यूज़ियम ऑफ एशियन आर्ट ने कहा कि तीन मूर्तियां भारत सरकार को वापस की जाएंगी। गहन जांच के बाद इन मूर्तियों के स्त्रोत का पता लगाया गया और रिपोर्ट में यह कहा गया कि इन मूर्तियों को मंदिरों से अवैध रूप से हटाया गया था। 

संग्रहालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने मूर्तियों में से एक को दीर्घकालिक ऋण पर देने पर सहमति व्यक्त की है। इस तरह की व्यवस्था के तहत संग्रहालय को वस्तु की उत्पत्ति, उन्हें हटाए जाने और वापसी की पूरी कहानी को सार्वजनिक रूप से साझा करने की अनुमति मिल जाएगी। 

ये मूर्तियां चोल काल (लगभग 990 ईस्वी) की ‘शिव नटराज’, चोल काल (12वीं शताब्दी) की ‘सोमस्कंद’ और विजयनगर काल (16वीं शताब्दी) की ‘संत सुंदरार विद परवई’ हैं। ये मूर्तियां ”दक्षिण भारतीय कांस्य ढलाई की समृद्ध कलात्मकता का उदाहरण हैं”, जिन्हें पारंपरिक रूप से मंदिर की शोभायात्राओं में ले जाया जाता था। 

बयान में कहा गया है कि ‘शिव नटराज’ प्रतिमा को दीर्घकालिक ऋण पर रखा जाना है। यह मूर्ति ‘दक्षिण एशिया, दक्षिणपूर्व एशिया और हिमालय क्षेत्र में ज्ञान की कला’ नामक प्रदर्शनी के तहत प्रदर्शित की जाएगी।

संग्रहालय और भारतीय दूतावास समझौते के तहत व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए करीबी संपर्क में हैं। यह वापसी राष्ट्रीय एशियाई कला संग्रहालय और दक्षिण एवं दक्षिणपूर्व एशियाई कला के प्रयासों से संभव हो पाई। इसमें पुडुचेरी स्थित फ्रांसीसी संस्थान के फोटो अभिलेखागार और दुनिया भर के कई संगठनों एवं व्यक्तियों का सहयोग शामिल था। 

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com