Thursday , January 22 2026

जर्मन चांसलर ने भारत-ईयू समझौते पर कहा, ‘महाशक्तियों’ के लिए यह साथ आने का अवसर

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित एफटीए पर हस्ताक्षर से चंद दिनों पहले जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘महाशक्तियों का युग’ संरक्षणवाद एवं अलगाववाद के बजाय नियम-आधारित व्यवस्था एवं मुक्त व्यापार का समर्थन करने वाले देशों के लिए एक अवसर है। मर्ज ने यहां विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यूरोप उच्च आर्थिक वृद्धि चाहता है और इसे हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष भारत जाएंगी, जहां भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सिद्धांतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। मर्ज ने कहा, “एक सप्ताह पहले मैं भारत में था। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य उन देशों के लिए अवसर प्रस्तुत करता है जो मनमाने फैसलों के बजाय नियमों को प्राथमिकता देते हैं और संरक्षणवाद एवं अलगाववाद के स्थान पर मुक्त व्यापार में विश्वास रखते हैं।” उन्होंने कहा कि इसी दिशा में यूरोपीय संघ नए साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। मर्ज ने मेक्सिको एवं इंडोनेशिया के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। इससे पहले मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लिएन ने कहा था कि यूरोपीय संघ भारत के साथ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब है, जिसे ‘सबसे महत्वपूर्ण समझौता’ कहा जा रहा है। उन्होंने कहा था कि यह समझौता करीब दो अरब लोगों का बाजार तैयार करेगा, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग एक-चौथाई होगा। लिएन के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे। वे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करेंगे। भारत-यूरोपीय संघ के 27 जनवरी को होने वाले शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की जा सकती है। प्रस्तावित समझौते से ऐसे समय में भारत-ईयू के समग्र द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क नीति के चलते वैश्विक व्यापार में व्यापक व्यवधान देखने को मिल रहा है। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब डॉलर रहा। प्रस्तावित एफटीए से व्यापारिक संबंधों को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com