उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का सिलसिला जारी है। राजधानी लखनऊ में बुधवार को इस मौसम की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की। शहर में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो चार जनवरी को दर्ज छह डिग्री सेल्सियस के पिछले न्यूनतम स्तर से 0.4 डिग्री कम है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान और अधिक गिर गया। मुजफ्फरनगर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 2.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य से 3.5 डिग्री कम है और बीते दो वर्षों में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान है।
मेरठ में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री (सामान्य से 3.4 डिग्री कम), बरेली में तीन डिग्री, कानपुर शहर में चार डिग्री और हरदोई में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रात के तापमान में गिरावट के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर और पाला पड़ने की स्थिति बनी हुई है, हालांकि दिन में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार बुधवार और गुरुवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का असर बना रहेगा। लखनऊ में आज अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिमी हो गई है, जिससे बीते 48 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
इसके कारण पश्चिमी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान चार डिग्री से नीचे चला गया, जिससे मेरठ, मुजफ्फरनगर और बरेली में शीतलहर की स्थिति बनी। आगामी 48 घंटों में मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने का कोई नहीं अनुमान नहीं है। आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और रोहिलखंड मंडल के कुछ हिस्सों में शीतलहर और पाले का असर जारी रह सकता है। वहीं तराई क्षेत्रों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है, जो दिन चढ़ने के साथ छंट जाएगा और धूप निकलने से दिन में ठंड से कुछ राहत मिलेगी।
मौसम विभाग के अनुसार लगातार सक्रिय हो रहे दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से 15 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी शीतलहर से राहत मिल सकती है। वहीं 18 जनवरी से प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी शुरू हो सकती है, जो अगले दो से तीन दिनों में तेज हो सकती है।
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