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मतदाता सूची में कोई लापरवाही नहीं चलेगी! CEO नवदीप रिणवा ने DEO-ERO को लगाई कड़ी फटकार, 48 घंटे से ज्यादा लंबित मामलों पर मांगा स्पष्टीकरण

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देशित किया कि 18 जनवरी 2026 को प्रदेश के सभी बूथों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मिशन मोड में आलेख्य मतदाता सूची को पुनः पढ़कर मतदाताओं को सुनाएंगे। इस अभियान में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट, संबंधित क्षेत्र के पार्षद और ग्राम प्रधान का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बीएलओ के पास फॉर्म-6 (घोषणा पत्र सहित), फॉर्म-7 और फॉर्म-8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों।
नाम–पते की त्रुटियों पर सख्ती
सीईओ ने निर्देश दिए कि फॉर्म-6 ऑफलाइन भरवाते समय मतदाता का नाम, पता और अन्य विवरण हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में मतदाता के सामने भरवाया जाए, ताकि वर्तनी की किसी भी प्रकार की गलती की संभावना न रहे। इसी प्रकार, ऑनलाइन फॉर्म-6 के मामलों में सत्यापन के दौरान बीएलओ मतदाता से उसका नाम हिंदी में भी भरवाएं, जिससे मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन हो सके।
‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ की समीक्षा
बैठक में ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा के अंतर्गत 48 घंटे से अधिक समय तक लंबित प्रकरणों की विधानसभा वार समीक्षा की गई। जिन आठ विधानसभा क्षेत्रों मुरादाबाद ग्रामीण, शिकोहाबाद, गढ़मुक्तेश्वर, चायल, मधुबन, कुंदरकी, मनकापुर और मुरादाबाद नगर में 10 से अधिक प्रकरण 48 घंटे से ज्यादा लंबित पाए गए, वहां के ईआरओ से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी ईआरओ को नियमित बूथ वार समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी प्रकरण 48 घंटे से अधिक लंबित न रहे।
सोशल मीडिया पर भ्रम न फैलने देने के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त मतदाताओं की जिज्ञासाओं और शिकायतों का समयबद्ध, तथ्यपरक और स्पष्ट उत्तर दिया जाए, ताकि मतदाताओं के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य अधिकतम पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है। इस प्रक्रिया की सफलता लोकतंत्र की मजबूती से सीधे जुड़ी है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

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