कोलकाता में चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से स्थापित दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन शनिवार को यहां निमतला घाट पर कड़ी पुलिस निगरानी में किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस बीच, चोरबागान पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ की घटना की जांच जारी है, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय की निगरानी में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने प्रतिमा विसर्जन की अनुमति दे दी है। हालांकि, उसने जांच के लिए पूजा पंडाल को उसकी मौजूदा स्थिति में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अधिकारी ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा से कहा, कल प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। इससे पहले, कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने कहा था कि पूजा समिति ने प्रतिमा विसर्जन की अनुमति मांगी है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर तथा तय दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरा करना होगा। घटना महासप्तमी की शाम को हुई थी, जब पंडाल के गिरने की घोषणा के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। इस बीच, एसआईटी की प्रमुख और सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता रॉय सरस्वती ने बृहस्पतिवार को कहा था कि प्रतिमा विसर्जन पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जांच के लिए पंडाल को उसकी मौजूदा स्थिति में सुरक्षित रखा जाए। प्रतिमा को बाहर निकालने के लिए ढांचे के एक हिस्से को हटाना पड़ सकता है। यह काम पुलिस की निगरानी में किया जाएगा। इस बीच, पुलिस ने पूजा समिति से जुड़े दो उद्घोषकों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या नौ हो गई है। संजीब राहा उर्फ सेंटू को बृहस्पतिवार को नदिया से गिरफ्तार किया गया, जबकि कुशल मजूमदार को शुक्रवार को शहर के गिरिश पार्क इलाके से पकड़ा गया।
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