मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब प्रत्येक माह के चतुर्थ शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रधानाध्यापकों के साथ मासिक समीक्षा बैठक करेंगे। इसमें निपुण भारत मिशन, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, डिजिटल संसाधनों और विद्यालयी सुविधाओं समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा होगी। बैठक में शैक्षिक कैलेंडर और मासिक पाठ्यक्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति, कक्षा संचालन, निपुण लक्ष्य, आईसीटी शिक्षण सामग्री और संदर्शिका-टीएलएम के उपयोग की पड़ताल की जाएगी। विद्यार्थियों के अधिगम अंतर को कम करने के लिए कैच-अप शिक्षण, पढ़ने की संस्कृति और पुस्तकालयों के उपयोग की स्थिति भी देखी जाएगी। निपुण तालिका में दक्षताओं के अंकन, निपुण एप के आकलन तथा परख एवं निपुण आकलन के परिणामों की समीक्षा होगी। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बीईओ-प्रधानाध्यापक की मासिक बैठकों से शैक्षिक गुणवत्ता की नियमित समीक्षा होगी और स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब व डिजिटल पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षकों को मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि बैठकों को परिणामोन्मुख बनाने के लिए प्रशिक्षण सामग्री और होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय व इंटरएक्टिव पैनल के उपयोग से जुड़े प्रशिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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