योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में खेती-किसानी और किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 में किए गए वादे के अनुरूप भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की दिशा में पहला कदम उठाते हुए सरकार ने 100 करोड़ का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य आलू, टमाटर और प्याज जैसी फसलों के दाम गिरने की स्थिति में किसानों को संरक्षण देना है। सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की है। इसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए 181 करोड़ तथा खाद्यान्न आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 32.40 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उद्यान विभाग के लिए 245.24 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इसमें भामाशाह भाव स्थिरता कोष के अलावा निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर भंडारण अनुदान के लिए 100 करोड़, अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र, आगरा के संपर्क मार्ग के लिए 9.53 करोड़, मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के लिए 14 करोड़, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 20 करोड़ तथा सरदार वल्लभभाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए ₹50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र को भी अनुपूरक बजट में विशेष महत्व दिया गया है। दुग्धशाला विकास विभाग के लिए 211.25 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जिसमें नंद बाबा दुग्ध मिशन के लिए 150 करोड़ तथा उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के लिए 25 करोड़ शामिल हैं। वहीं पशुधन विभाग को 78.62 करोड़ दिए गए हैं। गो-आश्रय केंद्रों की स्वावलंबन योजना के लिए 31.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए प्रमाणित बीजों पर अनुदान, जैव उर्वरक वितरण, प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, कृषि प्रयोगशालाओं की स्थापना, कृषि विश्वविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्रों की खरीद तथा उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है।
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