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अनाहत सिंह ने रचा इतिहास, 21 साल बाद फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी

भारत की युवा स्क्वाश स्टार अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। दिल्ली की रहने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने सेमीफाइनल में मिस्र की तीसरी-चौथी वरीयता प्राप्त बार्ब समेह को 3-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस उपलब्धि के साथ अनाहत वर्ष 2005 के बाद विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले भारत की दिग्गज खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने 2005 में यह मुकाम हासिल किया था।
सेमीफाइनल में मिस्र की खिलाड़ी को 3-1 से हराया
दिल्ली की रहने वाली इस शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में मिस्र की तीसरी-चौथी वरीयता प्राप्त बार्ब समेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराया। पूरे मुकाबले में उन्होंने आक्रामक और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया। पहला गेम आसानी से जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया, लेकिन शानदार वापसी करते हुए अगले दोनों गेम अपने नाम कर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
पहली भारतीय जूनियर विश्व चैंपियन बनने से सिर्फ एक कदम दूर
पिछले साल सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद कांस्य पदक जीतने वाली और विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज अनाहत भारत की पहली जूनियर विश्व स्क्वाश चैंपियन बनने से अब सिर्फ एक कदम दूर हैं। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए पहली बार फाइनल में जगह बनाई है।
जीत के बाद क्या बोलीं अनाहत?
फाइनल में पहुंचने के बाद अनाहत सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ‘मैं बहुत खुश हूं। मैं कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में बार्ब के खिलाफ खेली थी और वह बेहद करीबी मैच था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे वास्तव में अच्छा खेलना होगा।” उन्होंने कहा, ”मैंने कल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया था और मुझे पता था कि मुझे आज यह दिखाना होगा कि मैं क्या कर सकती हूं।” अनाहत ने कहा, ”मैंने चार विश्व जूनियर टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है लेकिन क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।”
फाइनल में मिस्र की रुकय्या सलेम से मुकाबला
खिताबी मुकाबले में अनाहत सिंह का सामना मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकय्या सलेम से होगा। भारत की नजर अब इस ऐतिहासिक मुकाबले पर होगी, जहां अनाहत पहली भारतीय जूनियर विश्व स्क्वाश चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ कोर्ट पर उतरेंगी।
अनाहत सिंह की उपलब्धि एक नजर में
21 साल बाद विश्व जूनियर स्क्वाश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी।
2005 में जोशना चिनप्पा ने आखिरी बार यह उपलब्धि हासिल की थी।
सेमीफाइनल में बार्ब समेह को 3-1 से हराया।
विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज।
पहली भारतीय जूनियर विश्व चैंपियन बनने से सिर्फ एक जीत दूर।

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