Friday , July 24 2026

Red Sea में Tension के बीच Crude Oil $100 के पार, Global Market में बढ़ी महंगाई की चिंता

मध्य पूर्व में एक बार फिर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो मई के बाद पहली बार हुआ है। बता दें कि यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले सऊदी अरब की ओर से यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे पर हमले किए गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक बाजार में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल करीब 7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं पश्चिम टेक्सास कच्चे तेल की कीमत भी लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 91.83 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। इसका असर भारत के घरेलू वायदा बाजार में भी देखने को मिला, जहां अगस्त डिलीवरी वाले कच्चे तेल के अनुबंध में लगभग 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि लाल सागर से होकर गुजरने वाला समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि इस क्षेत्र में लगातार हमले होते रहे तो सऊदी अरब समेत कई तेल उत्पादक देशों के निर्यात पर असर पड़ सकता है। इससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है। गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल में मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ने के दौरान ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। बाद में हालात कुछ सामान्य होने पर कीमतें घटकर करीब 71 डॉलर तक आ गई थीं, लेकिन अब नए तनाव के कारण बाजार में फिर तेजी लौट आई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि हूती समूह की ओर से ऐसे हमले दोबारा किए जाते हैं तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार मानेगा। वहीं दूसरी ओर निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने चेतावनी दी है कि यदि होरमुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो वर्ष के अंत तक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और प्रमुख देशों की कूटनीतिक पहल पर वैश्विक तेल बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com