संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार (20 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और सांसदों को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि यह सत्र ऐतिहासिक और परिणामकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह सक्रिय मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, उसी तरह सकारात्मक और उत्पादक संसद सत्र भी राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है, जिनमें ‘वंदे मातरम’ से जुड़ा विधेयक भी शामिल है।
‘प्रोएक्टिव मानसून और प्रोडक्टिव संसद देश के लिए जरूरी’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यदि मानसून और संसद, दोनों अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाएं तो इसका सीधा लाभ देश और समाज को मिलता है। उन्होंने कहा, “मानसून हो या मानसून सत्र, यदि दोनों प्रोएक्टिव हों तो दोनों प्रोडक्टिव बनते हैं। जब दोनों उत्पादक होते हैं तो देश और समाज का कल्याण सुनिश्चित होता है।”
एक महीने में कई उपलब्धियों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने के दौरान भारत ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष क्षेत्र में कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर हर भारतीय गर्व कर सकता है। उन्होंने कहा कि इन सफलताओं ने दुनिया के सामने भारत की बढ़ती क्षमता और आत्मविश्वास को मजबूती से प्रस्तुत किया है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं की क्षमता का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्ष मानसून सत्र से पहले एक भारतीय नागरिक वहां पहुंचा था। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में भारत के एक युवा स्टार्टअप ने अंतरिक्ष क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह केवल संयोग नहीं बल्कि इस बात का संकेत है कि देश के युवाओं की सोच और उनकी क्षमताएं अब अंतरिक्ष जितनी व्यापक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि “रीफॉर्म एक्सप्रेस” पर आगे बढ़ते भारत में युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं और इसी का परिणाम है कि वे बड़े लक्ष्य हासिल करने में सफल हो रहे हैं।
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