मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने घरेलू रूफटॉप सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 2 गीगावाट की स्थापित क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही राज्य देश के प्रतिष्ठित ‘2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब’ में शामिल हो गया है। अब तक इस श्रेणी में केवल गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अग्रणी राज्य ही शामिल थे। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जनभागीदारी का परिणाम है। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर स्वच्छ और किफायती ऊर्जा को अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि रूफटॉप सोलर क्षमता में यह वृद्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में राहत मिली है और कार्बन उत्सर्जन में कमी के चलते पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिला है। इस उपलब्धि में यूपीनेडा के पैनल में शामिल वेंडर्स, विद्युत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, बैंकिंग संस्थानों तथा लाखों उपभोक्ताओं की अहम भूमिका रही है। विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से सौर ऊर्जा को व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप मिला है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में घरेलू सोलर संयंत्रों की स्थापना में तेजी आई है। सब्सिडी के लाभ के चलते आम उपभोक्ताओं में रूफटॉप सोलर को लेकर रुचि बढ़ी है, जिसका सीधा असर स्थापित क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि के रूप में दिखाई दे रहा है। ऊर्जा विभाग के अनुसार यदि यही गति बनी रही तो उत्तर प्रदेश आने वाले समय में रूफटॉप सोलर क्षमता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों को और कड़ी चुनौती दे सकता है। यह उपलब्धि हरित ऊर्जा, स्वच्छ पर्यावरण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
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