Thursday , April 16 2026

9 साल में बदली तस्वीर, अब निवेश, रोजगार और इनोवेशन का बना केंद्र उत्तर प्रदेश- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते नौ वर्षों में खुद को न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेट, बल्कि देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया है। योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में न बेहतर नीतियां थीं और न ही निवेश का माहौल। खराब सड़कें, बिजली संकट और कमजोर कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक आने से कतराते थे। लेकिन आज मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित माहौल से निवेश तेजी से बढ़ा है और रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। वे बुधवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे। महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से बने इस सेंटर की शुरुआत टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन की मौजूदगी में हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेंटर युवाओं को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में दक्ष बनाकर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे टेक्नोलॉजी से जुड़कर खुद को सक्षम बनाएं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और 3डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में यह सेंटर अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर और पूर्वांचल, जो कभी पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था, अब नॉलेज पावर हाउस बनकर उभर रहा है। यहां विश्वविद्यालयों, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और नए संस्थानों के माध्यम से युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देश में 55 प्रतिशत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग उत्तर प्रदेश में हो रही है। 96 लाख से अधिक एमएसएमई और 22 हजार से ज्यादा स्टार्टअप प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भ्रमण कर एआई, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन और 3डी प्रिंटिंग लैब्स का अवलोकन किया और स्टार्टअप्स द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र भविष्य में उद्यमिता और तकनीकी नवाचार का बड़ा केंद्र बनेगा।
हर व्यक्ति के हाथ में हों एआई के साधन: एन. चंद्रशेखरन
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि समय के साथ आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि हर व्यक्ति के हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साधन उपलब्ध हों। एआई को लेकर किसी तरह का भय या भ्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे स्टीम इंजन और बिजली जैसे क्रांतिकारी आविष्कारों की तरह समझना होगा। उन्होंने कहा कि एआई जीवन के हर क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने वाला है और ग्रामीण विकास, कृषि तथा महिला सशक्तिकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी बन सकता है।
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर सीएम का फोकस: कृतिवासन
टीसीएस के एमडी एवं सीईओ के. कृतिवासन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के साथ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान दिया है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से टीसीएस के इनिशिएटिव्स को व्यापक विस्तार मिल रहा है। वहीं, टीसीएस आई-ऑन के हेड वेंगुस्वामी रामास्वामी ने इसे मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताते हुए कहा कि यह सेंटर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com