Thursday , April 2 2026

DMK का ‘Rising Sun’, 75 साल से Tamil Nadu की सियासत में कैसे कायम है इसका Power

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया गया है। तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर सत्ता के लिए जंग की रणभेरी बज चुकी है। चुनाव आयोग की तरफ से हुए ऐलान के मुताबिक राज्य में चुनाव एक चरण में होगा। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होना है। वहीं वोटों की गिनती 04 मई

2026 को होगी। ऐसे में सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी पार्टियों ने विधानसभा चुनाव के लिए अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरूकर दिया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम तमिलनाडु की एक प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है। जोकि वर्तमान समय में राज्य में सत्तारूढ़ है। एम.के स्टालिन के नेतृत्व में यह धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील

गठबंधन का हिस्सा है। पार्टी की स्थापना 17 सितंबर 1949 में सीएन अन्नादुराई ने की थी। जिसका गठन द्रविड़ कषगम नामक पार्टी के विभाजन के बाद हुआ। पार्टी का चुनाव चिन्ह उगता हुआ सूरज है। साल 1969 में दिग्गज नेता एम करुणानिधि डीएमके के प्रमुख बने और साल 2018 में अपनी मृत्यु तक वह इसी पद पर रहे।
साल 1967 के विधानसभा चुनाव में डीएमके मद्रास राज्य में सत्ता में आई थी। फिर मद्रास बाद में तमिलनाडु बन गया। साल 1967 की चुनावी चीज को विपक्षी वोटों के विभाजन से बचने के लिए चुनावी गठबंधन के रूप में भी जाना जाता है। डीएमके ऐसी पहली पार्टी बनी थी, जिसने राज्य में अपने बलबूते बहुमत हासिल की थी।

वर्तमान समय में पार्टी के प्रमुख करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन हैं। वहीं अगर बीते चुनावों की बात करें तो मौजूदा सत्ताधारी डीएमके के आसपास कोई भी पार्टी टक्कर में नहीं नजर आ रही है। वहीं साल 2021 के विधानसभा चुनावों को पैमाना मानकर बात करें, राज्य में सत्ताधारी DMK पार्टी तमिलनाडु में होने वाले आगामी

विधानसभा चुनावों में बढ़त के साथ उतरेगी। क्योंकि साल 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने 125 सीटों को जीतकर सत्ता में वापसी की।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com