पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। नागर विमानन मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह इस क्षेत्र में जारी संघर्ष और भारत के साथ हवाई यात्रा पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभाव पर पैनी नजर रख रहा है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और त्वरित व समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए हैं। मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय विमानन कंपनियों ने नौ मार्च को पश्चिम एशिया से 45 उड़ानों का परिचालन कर 7,047 यात्रियों को वहां से बाहर निकाला। इस बीच एअर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ ने मंगलवार को बताया कि वे मिलकर 11 मार्च को पश्चिम एशिया जाने और लौटने वाली कुल 58 निर्धारित व गैर-निर्धारित उड़ानों का परिचालन करेंगी। आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और तनाव के बीच, कतर में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय दूतावास के सफल प्रयासों और कतर एयरवेज के सहयोग से मंगलवार को लगभग 1,000 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाया गया। वापस लौटे नागरिकों को देश के तीन प्रमुख शहरों—नयी दिल्ली, मुंबई और कोच्चि—पहुंचाया गया है। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस सफल निकासी की जानकारी साझा की। दूतावास ने बताया कि फंसे हुए यात्रियों और आपातकालीन मामलों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए कतर एयरवेज के साथ निरंतर समन्वय किया गया।
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