विधान परिषद में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। भाजपा सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने 1 जनवरी से पुरानी फिटनेस व्यवस्था बंद कर निजी कंपनियों के माध्यम से स्वचलित वाहन परीक्षण स्टेशन (एटीएस) लागू किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे में पुरानी व्यवस्था
बंद कर देने से वाहन स्वामियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा सदस्य ने कहा कि नियमानुसार प्रत्येक जिले में तीन-तीन एटीएस स्थापित होने थे, लेकिन अभी सभी जिलों में यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। खासकर स्कूल बस, अस्पताल और एंबुलेंस जैसे आवश्यक सेवा वाहनों की फिटनेस प्रभावित हो
रही है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जवाब में स्पष्ट किया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार एटीएस स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल, स्कूल व एंबुलेंस वाहनों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है। नियमानुसार जल्द ही सभी जिलों में एटीएस स्थापित कर दिए
जाएंगे। इस पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने निर्देश दिया कि जब तक सभी जिलों में एटीएस स्थापित नहीं हो जाते, तब तक पुरानी फिटनेस व्यवस्था जारी रखी जाए।
शिक्षा सेवा चयन आयोग की धाराओं पर उठा सवाल
शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने नियम 105 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद शिक्षकों की सेवा शर्तों से संबंधित धाराओं 18 और 21 को समाप्त किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आयोग अधिनियम की धारा 11 (छ) में प्रावधान है कि यदि प्रबंध तंत्र या नियुक्ति प्राधिकारी नियुक्ति पत्र
जारी करने में विफल रहता है तो संबंधित पद समाप्त कर दिया जाएगा। उनका कहना था कि यह व्यवस्था विद्यालयों के अस्तित्व के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने आश्वस्त किया कि शिक्षा सेवा चयन आयोग में शिक्षकों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। जवाब से असंतुष्ट होकर त्रिपाठी
ने बहिष्कार की बात कही, लेकिन सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह द्वारा नेता सदन की अध्यक्षता में गठित समिति में विषय रखकर समाधान कराने के आश्वासन पर वे संतुष्ट हो गए। बाद में यह मामला सरकार को संदर्भित कर दिया गया। निर्दलीय सदस्य डॉ. आकाश अग्रवाल ने आगरा की यातायात व्यवस्था का मुद्दा उठाया। नेता
सदन एवं उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा कि मेट्रो परियोजना और अन्य विकास कार्यों के कारण यातायात प्रभावित हुआ है, जिसे जल्द और व्यवस्थित कराया जाएगा।
दो संशोधन विधेयक पारित
प्रमुख सचिव ने सदन की मेज पर उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 प्रस्तुत किए। दोनों विधेयक पारित हो गए।
पूर्व सदस्य के निधन पर शोक
सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने पूर्व विधान परिषद सदस्य विन्ध्यवासिनी कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया। सदन ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए कुछ क्षण खड़े होकर मौन धारण किया।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal