महाशिवरात्रि का पर्व बेहद करीब आ चुका है। इस बार 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। इस दौरान भोलेनाथ के भक्त मंदिरों के दर्शन का प्लान बनाते हैं। इस दिन शिव-शक्ति का मिलन हुआ था। यह दिन महादेव का सबसे खास दिन माना जाता है। अगर आप चाहते हैं कि भगवान शंकर आपकी मनोकामना को पूर्ति करें, तो भोलेबाबा के इस ऐतिहासिक मंदिर में दर्शन के जरुर जाएं। इन्हीं में से एक झारखंड के देवघर का मंदिर है। बैद्यनाथ धाम से प्रसिद्ध यह मंदिर, अपनी चमत्कारी कथाओं के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में महादेव द्य रूप में पूजे जाते हैं। यह मंदिर महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। जो भी भक्त अपनी बीमारियों से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो महादेव का आशीर्वाद चाहते हैं, तो इस मंदिर के दर्शन का प्लान जरुर बनाएं।
कहां है बैद्यनाथ धाम?
झारखंड के देवघर में यह मंदिर स्थित है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, इसलिए यहां जाने के लिए आपको साधन की कमी नहीं मिलने वाली है। ट्रेन, बस या अपनी गाड़ी से भी जा सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि महाशिवरात्रि के दिन भक्तों की भीड़ यहां बहुत ज्यादा होती है। यहां पर लोगों की लंबी लाइन लग जाती है। दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें।
कैसे पहुंचे?
ट्रेन से – यदि आप देवघर जाना चाहते हैंस तो आप ट्रेन से जा सकते हैं। आप देवघर रेलवे स्टेशन के लिए टिकट बुक करें। देवघर का कोड (DGHR) है। आपको पटना, रांची और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से सीधी ट्रेन मिल जाती है। इसे महादेव के खूबसूरत मंदिर में से एक भी माना जाता है। स्टेशन से करीब 10 किमी की दूरी पर मंदिर स्थित है।
फ्लाइट से
यदि आप प्लेन से आने का प्लान कर रही हैं, तो देवघर में एयरपोर्ट भी है। कई शहरों से यहां तक के लिए फ्लाइट मिलती है। यहां पर आने के बाद आप कैब या ऑटो लेकर मंदिर जा सकती हैं।
– इसके अलावा, आप रांची और पटना में भी एयरपोर्ट मिल जाएगा।
सड़क मार्ग से
यदि आप सड़क के जरिए बस या अपनी गाड़ी से जाना चाहते हैं, तो आपको पहले देवघर का रूट लेना होगा। पटना, रांची, भागलपुर, धनबाद और कोलकाता जैसे शहरों से आपको सीधी बसें मिल जाएंगी। स्टेट हाइवे के जरिए प्राइवेट कार और टैक्सी मिल जाएगी, जिससे आप आसानी यहां पहुंच जाएंगे।
बैद्यनाथ धाम मंदिर समय
मंदिर सुबह 4 बजे खुलता है और रात 9 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। हालांकि दोपहर 3:30 बजे से शाम 5 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। ऐसे में यदि आप दर्शन की योजना बना रही हैं, तो वीआईपी टिकट लेना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। सामान्य दर्शन में लगभग 4 घंटे या उससे भी अधिक समय लग सकता है, जबकि 300 रुपये का वीआईपी टिकट लेने पर समय की काफी बचत हो जाती है।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal