काशी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। काशी में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में काशी विश्वनाथ का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि यह भगवान शिव का आदि स्थान है और यहां पर स्वयं महादेव निवास करते हैं। हिंदू पुराणों के मुताबिक काशी दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित शहर है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति काशी में अंतिम सांस लेता है, भगवान शिव स्वयं उसके कानों में तारक मंत्र फूंकते हैं। जिससे व्यक्ति को जनम-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है।
वहीं मान्यता यह भी है कि काशी में जो भी व्यक्ति गंगा स्नान के बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन करता है, उसके सभी पापों का नाश हो जाता है। ऐसे में अगर आप भी काशी विश्वानाथ धाम जाने की योजना बना रहे हैं। तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको काशी विश्वनाथ के दर्शन का समय, आरती और आसपास घूमने की जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।
कब कर सकते हैं दर्शन
भक्तों के लिए रोजाना काशी विश्वनाथ मंदिर सुबह 04 बजे खोला जाता है। मंदिर खुलने के बाद सबसे पहले आरती होती है और दोपहर 12 बजे से शाम 07 बजे तक लोग दर्शन और पूजन करते हैं।
दर्शन करने की प्रक्रिया
सबसे पहले आपको दर्शन के लिए मंदिर के बाहर लाइन में लगना होगा। लाइम में इंतजार करते समय आप मंदिर के बाहर प्रसाद भी खरीद सकते हैं। वहीं स्थानीय लोगों और आसपास के वातावरण को देखकर यहां के मिजाज को भी समझ सकते हैं।
मंदिर के अंदर आने के बाद आपको सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद आप मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर सकेंगे। मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के बाद आप शिवलिंग को देख सकते हैं और श्रद्धा व भक्तिभाव से भगवान शिव की पूजा कर उनका दर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए सबसे अच्छा समय सुबह और शाम का है।
मंदिर में दर्शन करने के लिए आपको लंबी लाइन में लगना पड़ सकता है। इसलिए आपका धैर्य रखना जरूरी है।
मंदिर में प्रवेश के साथ ही शराब पीना, धूम्रपान और मांस खाना मना है।
मंदिर में दर्शन करने के बाद मंदिर के बाहर आप अन्य लोगों को प्रसाद दे सकते हैं।
फेमस घाट
दशाश्वमेध घाट
दशाश्वमेध घाट पर शाम के समय होने वाली यहां की फेमस गंगा आरती में आपको जरूर शामिल होना चाहिए।
अस्सी घाट
यहां का अस्सी घाट ‘सुबह-ए-बनारस’ और आरती के लिए फेमस है।
मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट
काशी के मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट को महाशमशान भी कहा जाता है।
नमो घाट
बता दें कि नमो घाट नया और आधुनिक घाट है। यहां इस घाट पर बड़े नमस्ते के स्कल्चर लगे हुए हैं।
घूमने की जगहें
काल भैरव मंदिर
काशी के काल भैरव मंदिर को यहां का कोतवाल भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि काल भैरव मंदिर के दर्शन के बिना काशी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।
संकट मोचन मंदिर
काशी का यह प्राचीन हनुमान मंदिर है। काशी आने पर आप काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के साथ ही हनुमान जी के प्राचीन मंदिर के भी दर्शन कर सकते हैं।
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