यूईएफए चैंपियंस लीग के एक मुकाबले में नॉर्वे के बोडो शहर तक लंबा और ठंडा सफर तय करने वाले मैनचेस्टर सिटी के 374 समर्थकों को अब उनके टिकट की पूरी रकम वापस मिलने जा रही हैं। बता दें कि इंग्लिश क्लब को इस मुकाबले में अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही बोडो/ग्लिम्ट के खिलाफ 3-1 की करारी हार झेलनी पड़ी थी। गौरतलब है कि बोडो/ग्लिम्ट दुनिया के सबसे उत्तरी पेशेवर फुटबॉल क्लबों में से एक हैं, जबकि मैनचेस्टर सिटी को यूरोप के सबसे अमीर और खिताब के प्रबल दावेदार क्लबों में गिना जाता हैं। इसी वजह से यह हार और भी चौंकाने वाली मानी जा रही हैं। मैच के बाद खुद स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड ने इस प्रदर्शन को “शर्मनाक” करार दिया था।मौजूद जानकारी के अनुसार, सिटी के इस फैसले में क्लब के लीडरशिप ग्रुप की अहम भूमिका रही हैं, जिसमें हालांड के साथ-साथ रोड्री, बर्नार्डो सिल्वा और रूबेन डियास जैसे सीनियर खिलाड़ी शामिल हैं। खिलाड़ियों ने संयुक्त बयान में कहा कि वे बोडो तक यात्रा करने वाले सभी फैंस के टिकट का खर्च खुद वहन करेंगे। बयान में कहा गया है कि क्लब के लिए उसके समर्थक सबसे अहम हैं और दूर-दराज की यात्राओं में जो त्याग फैंस करते हैं, उसे कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता हैं। ठंडे मौसम और मैदान पर कठिन शाम के बावजूद स्टेडियम में मौजूद रहना उनके समर्थन की मिसाल हैं, और टिकट की राशि लौटाना क्लब की ओर से एक छोटा सा प्रयास हैं। मैच की बात करें तो बोडो/ग्लिम्ट ने 22वें मिनट में कास्पर होग के गोल से बढ़त बना ली थी, जिसे उन्होंने कुछ ही मिनटों में दोगुना कर दिया। दूसरे हाफ में स्कोर 3-0 हो गया, हालांकि रयान चेरकी ने एक गोल लौटाया, लेकिन उसके तुरंत बाद रोड्री को रेड कार्ड मिलने से सिटी की वापसी की उम्मीदें खत्म हो गई थीं। अपने देश नॉर्वे में मिली इस हार के बाद हालांड ने खुले तौर पर निराशा जताई और फैंस से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं हैं। बता दें कि मैनचेस्टर सिटी का यह सीजन हाल के हफ्तों में कुछ खास नहीं रहा हैं। चोटों की समस्या के चलते टीम को चेल्सी और ब्राइटन के खिलाफ ड्रॉ खेलना पड़ा, जबकि मैनचेस्टर यूनाइटेड ने डर्बी मुकाबले में उन्हें पूरी तरह दबाव में रखा था। हालांकि, चैंपियंस लीग तालिका में सिटी अब भी मजबूत स्थिति में बनी हुई हैं और सीधे नॉकआउट में पहुंचने की संभावना बरकरार हैं, लेकिन इस हार ने अतिरिक्त प्लेऑफ खेलने का खतरा भी पैदा कर दिया हैं, जिससे उनके प्रतिद्वंद्वियों को फायदा मिल सकता हैं।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal