मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को माघ मेले की तैयारी को लेकर प्रयागराज दौरे के दौरान समीक्षा करते हुए विश्वास जताया कि पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सभी प्रमुख स्नान पर्व सकुशल संपन्न होंगे। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रशासन की सजगता, तकनीक के प्रभावी उपयोग और सभी विभागों के आपसी सहयोग से श्रद्धालुओं की सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष माघ मेला 3 जनवरी से प्रारंभ होकर 15 फरवरी तक चलेगा। इतने लंबे आयोजन को देखते हुए सरकार और प्रशासन सभी व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रखे हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पौष पूर्णिमा पर जहां 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था, वहीं 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान किया। कल्पवासी एक माह के कल्पवास हेतु तप-साधना में लीन हैं, जिनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
आगामी स्नान पर्वों के लिए व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के प्रमुख स्नान संपन्न होंगे। इन सभी पर्वों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से कराने के लिए व्यापक तैयारी की गई हैं। इस वर्ष घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक स्थान मिल सके। स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है और शीतलहर से बचाव के लिए अलाव, रैन बसेरे व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
तकनीक से सुदृढ़ हुई व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इसके साथ ही ‘मेला सेवा ऐप’ की शुरुआत की गई है, जो संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है। इस ऐप के जरिए सूचना, शिकायत और सहायता सेवाएं एक क्लिक पर मिल रही हैं।
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