Friday , April 4 2025

“शशि थरूर का सवाल: क्या दिल्ली को राजधानी बने रहना चाहिए?”

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे “रहने लायक नहीं” बताया। उन्होंने पूछा कि क्या दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी के रूप में बने रहना चाहिए, जब यहां नवंबर से जनवरी तक रहना लगभग असंभव हो जाता है।

थरूर ने स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी IQAir के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली विश्व की सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। उन्होंने ट्वीट किया, “दिल्ली आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है, जो खतरनाक स्तरों से चार गुना और ढाका से पांच गुना अधिक खराब है। यह अकल्पनीय है कि हमारी सरकार इस संकट को सालों से देख रही है लेकिन कुछ नहीं करती।”

थरूर ने बताया कि उन्होंने 2015 से वायु गुणवत्ता पर विशेषज्ञों और सांसदों के साथ चर्चा के लिए एक राउंड टेबल आयोजित किया था, लेकिन इसे पिछले साल बंद कर दिया क्योंकि “कुछ नहीं बदला और कोई परवाह नहीं करता।” उन्होंने यह भी कहा, “यह शहर नवंबर से जनवरी तक रहने लायक नहीं है और बाकी समय मुश्किल से जीने लायक है। क्या इसे राष्ट्रीय राजधानी बने रहना चाहिए?”

दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति:
दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार सुबह शहर के अधिकतर मॉनिटरिंग स्टेशनों ने AQI को 500 (severe plus) के स्तर पर दर्ज किया। आनंद विहार, अशोक विहार, बवाना, जहांगीरपुरी और मेजर ध्यानचंद स्टेडियम जैसे इलाकों में AQI 500 तक पहुंच गया।

दिल्ली सरकार ने इसे “मेडिकल इमरजेंसी” करार दिया है और सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में निवारक कदम उठाने का आह्वान किया है। खराब वायु गुणवत्ता के कारण स्कूल और कॉलेज ऑनलाइन कक्षाओं की ओर बढ़ चुके हैं।

यह गंभीर स्थिति दिल्ली में स्वास्थ्य संकट को उजागर करती है और शहर की प्रशासनिक और पर्यावरणीय नीतियों पर पुनर्विचार की मांग करती है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com