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धनतेरस पर वाहन नए वाहन लेने के बाद भूलकर भी न करें ये गलती

 वाहन खरीदने का सपना हर किसी का होता है. हालांकि, लोग शुभ मुहूर्त की तलाश में रहते हैं. धनतेरस में लोग वाहन खरीदना पसंद करते हैं. ऐसे में वाहन खरीदने के बाद सही तरह से पूजा होनी भी बेहद जरूरी है. 

नए वाहन को खरीदने की खुशी तो होती ही है. कोशिश रहती है कि नया वाहन किसी ऐसे अवसर पर खरीदा जाए, जिससे वाहन भी यादगार बन जाए. बहुत से लोग ज्योति पर्व (दीपावली) पर धनतेरस के दिन वाहन खरीदते हैं. वाहन खरीदने के बाद उसका पूजन भी आवश्यक है. वाहन का अर्थ है वहन करना अर्थात जिसे आप एक स्थान से लेकर दूसरे स्थान पर ले जाएं. जिस तरह हम किसी स्थान पर जाने के लिए पैरों का इस्तेमाल करते हैं. उसी तरह से वाहन हैं. सच तो यही है वाहन पैरों का एक्सटेंशन है.

नए वाहन की पूजा जरूरी

वाहन आज की आवश्यकता हो गई है. यह किसी भी स्थान पर जल्द पहुंचाकर दूरी को कम करने का काम करता है. हिंदू धर्म की पूजा पद्धति के अनुसार नए वाहन का पूजन करना जरूरी होता है, ताकि वह आपके लिए मंगलकारी बनी रहे. मकान के बाद जो दूसरी महत्वपूर्ण वस्तु है, वह वाहन ही है. यह हमारी क्षमताओं को सुरक्षित रखता है. वाहन का पूजन गृह प्रवेश की भांति करना चाहिए. वाहन का पूजन घर की वयोवृद्ध महिला से कराना चाहिए. घर पर बुजुर्ग महिला न होने पर किसी पुरोहित से भी पूजन कराया जा सकता है.

इस विधि से करना चाहिए वाहन का पूजन

सबसे पहले वाहन के ऊपर आम या अशोक के पत्तों से जल छिड़कें. इसके बाद वाहन में सिंदूर और घी मिलाकर अनामिका से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं. स्वास्तिक का चिह्न बहुत ही शुभ माना जाता है. यह चिह्न आपकी यात्रा में आने वाले व्यवधानों को दूर करेगा. फिर वाहन पर फूल और माला चढ़ाने के साथ कलावा या रक्षा सूत्र को बैक मिरर में बांध सकते हैं. फिर कपूर जलाकर आरती करें. कलश का जल वाहन के दाएं और बाएं डालें. कपूर की आरती के बाद उसकी राख से टीका लगा दें, ताकि नजर न लगे. वाहन का पूरे भाव के साथ स्वागत करें. अब वाहन पर मिठाई रखें और किसी गाय को भी खिलाएं. गौमाता वाहन और उसमें बैठने वालों की रक्षा करेंगी. वाहन को स्टार्ट कर एक नारियल को लेकर  वाहन के बाहर से सात बार घुमाकर उसके सामने फोड़ दें. निगेटिव एनर्जी से बचाने के लिए एक और कारगर उपाय कर सकते हैं. वाहनों के पहिए के आगे एक एक नींबू रख दें, ताकि जब चलाएं तो नींबू फूट जाएं. वाहन से सर्वप्रथम मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करते हुए, उन्हें इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद ज्ञापित करें.पूजा यदि किसी पुरोहित से कराई है तो उन्हें दक्षिणा अवश्य दें. वाहन का लाभ सदैव पाने के लिए पीले रंग का धागा बांध सकते हैं. यदि कहीं से कौड़ी मिल जाए तो उसे भी पीले कपड़े में रख कर बांध सकते हैं.

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