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आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे भाजपा नेता हर्षवर्धन, कांग्रेसी होने के बावजूद जाने कैसे हुआ BJP से लगाव

प्रयागराज के शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं। भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने उनकी लंबी उम्र की कामना की। समर्थकों ने शाम को सुभाष चौराहे पर सुंदरकांड पाठ का भी आयाेजन किया है। जगह-जगह मिठाई भी बांटी जा रही है। उनके निवास पर शुभकामनाएं देने वालों की भीड़ जुटी है।

लगातार दो बार से शहर उत्‍तरी के विधायक हैं हर्षवर्धन : हर्षवर्धन वाजपेयी को प्रयागराज शहर उत्तरी सीट से अब तक सब से अधिक मत हासिल करने और सबसे अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने का भी गौरव मिला है। उन्हें यह सफलता भाजपा की सदस्या लेकर चुनाव लडऩे के बाद हासिल हुई। उन्होंने 2016 में भाजपा की सदस्यता ली और 2017 में शहर उत्तरी सीट से विधानसभा का टिकट मिला और वह विजयी भी हुए। इसके बाद 2022 में फिर उन्‍हें भाजपा के टिकट से विजयश्री हासिल हुई।

माता-पिता कांग्रेस की पृष्ठभूमि से, हर्षवर्धन का भाजपा लगाव : विधायक व भाजपा नेता हर्षवर्धन वाजपेयी कहते हैं कि भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा ने उन्हें प्रभावित किया। यही वजह है कि पिता अशोक वाजपेयी, मां रंजना वाजपेयी के कांग्रेस की पृष्ठभूमि से होने के बाद भी वह बीजेपी की ओर झुके। बाद में मां और पिता ने भी भाजपा की तरफ अपना रुझान बढ़ाया।

सेंट जोसफ कालेज से 12वीं की परीक्षा उत्‍तीर्ण की थी : भाजपा विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी की स्कूल स्तर की पढ़ाई सेंट जोसफ कालेज से हुई है। उन्होंने पीसीएम ग्रुप (गणित वर्ग) से 1999 में 12वीं की परीक्षा पास की। तुरंत बाद वह कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए। वहां चार वर्ष इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। 2003 में स्वदेश लौटकर दिल्ली विश्वविद्यालय के मेन साउथ कैंपस से मास्टर्स इन फाइनेंस इन कंट्रोल की डिग्री भी पूरी की।

2006 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर : विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी का राजनीतिक सफर 2006 से शुरू हुआ। उन्होंने बसपा के साथ अपनी पारी शुरू की। 2007 में इसी दल से शहर उत्तरी विधानसभा के लिए टिकट मिला लेकिन मात्र 1500 वोट से हार का सामना करना पड़ा। 2008 में बीएसपी ने महानगर अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी सौंपी। 2011 तक वह महानगर अध्यक्ष बने रहे। 2012 में फिर बीएसपी ने विधानसभा का टिकट दिया लेकिन इस बार भी जीत दर्ज करने में नाकाम रहे। करीब 5000 वोट से हार का सामना करना पड़ा।

पिछले विधानसभा चुनाव में 53.06 प्रतिशत लोगों ने जताया भरोसा : यूपी विधानसभा चुनाव 2022 की बात करें तो हर्षवर्धन वाजपेई को 1.38 प्रतिशत ज्यादा वोट पिछले बार की तुलना में मिले। पिछले बार जहां 51.68 फीसदी लोगों ने उन पर भरोसा जताया था, वहीं इस बार 53.06 प्रतिशत वोट मिला। उनके प्रतिद्वंद्वी संदीप यादव को मात्र 24.9 प्रतिशत वोट मिले। सबसे बड़ा झटका कांग्रेस प्रत्याशी अनुग्रह नारायण सिंह को लगा था। उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था।

पिता की सीट पर दो बार दर्ज की जीत : हर्षवध्रन बाजपेयी शहर उत्तरी सीट से दोबारा विधायक चुने जाने वाले तीसरे प्रत्याशी हैं। राजनीतिक घराने से उनका संबंध है। उनकी दादी राजेंद्र कुमार बाजपेयी उप राज्यपाल के साथ ही केंद्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं। इसी सीट से हर्ष के पिता अशोक बाजपेयी भी विधायक रह चुके हैं।

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