गोमती नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ से तो राहत मिलने लगी है, लेकिन अब बीमारियों की बाढ़ आने लगी है। डेंगू मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। ज्यादातर मरीज ठंड लगकर बुखार आने और प्लेटलेट्स में कमी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर 34 मरीज लोहिया संस्थान, केजीएमयू , बलरामपुर अस्पताल समेत चार बड़े अस्पतालों में मरीज कराए गए हैं।
गोमती नदी की बाढ़ का पानी कई इलाकों में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर पनपने लगे हैं। वातावरण में नमी भी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में डेंगू के मामलों में और इजाफा होने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मच्छरों से बचाव और आसपास साफ-सफाई रखने से संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।
दिन में काटता है डेंगू फैलाने वाला मच्छर
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर आमतौर पर दिन के समय काटता है। घरों की छतों, कूलर, गमलों, पुराने टायरों और खाली बर्तनों में जमा साफ पानी इसके प्रजनन का प्रमुख कारण बन सकता है। इसलिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और पानी की टंकियों को ढककर रखें। गमलों और अन्य बर्तनों में जमा पानी को भी साफ करते रहें। स्कूल जाने वाले बच्चों को फुल आस्तीन की ड्रेस पहनाकर भेजें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं। जलभराव वाले स्थानों की नियमित सफाई भी जरूरी है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया डेंगू के संभावित लक्षण दिखने पर सतर्क रहें। तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली तथा अत्यधिक थकान होने पर चिकित्सकीय सलाह लें। पेट में तेज दर्द, बार-बार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी जैसे लक्षण गंभीर स्थिति का संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाएं। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें और डेंगू की आशंका होने पर विशेष सतर्कता बरतें।
गोमती का 12-15 सेंटीमीटर जलस्तर और गिरने से मिलेगी राहत
गोमती नदी के घाटों से बुधवार तक बाढ़ का पानी उतर सकता है। 12 से 15 सेंटीमीटर पानी और कम होने से गोमती रिवर फ्रंट सहित हनुमंत धाम, शनि मंदिर, लेटे हनुमान मंदिर, खाटू श्याम मंदिर सहित अन्य घाटों पर पानी उतर जाएगा। बैकुंठ धाम, गुलाला घाट आदि स्थानों पर भी पानी कम हो जाएगा। गऊघाट, हनुमान सेतु और गोमती बैराज पर सोमवार को करीब 12-12 सेंटीमीटर जलस्तर कम हो गया। गऊघाट पर जलस्तर 108.42 मीटर हो गया। इससे फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित लोगों को ज्यादा राहत मिली। यहां बाढ़ का पानी तेजी से घट रहा है। हनुमान सेतु पर 107.09 और गोमती बैराज पर जलस्तर 106.87 मीटर रहा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मुकेश वैश्य ने बताया कि नैमिषारण्य में सोमवार को करीब 127 सेंटीमीटर और भटपुरवा में 66 सेंटीमीटर जलस्तर कम हो गया। इससे गोमती नदी में अब बाढ़ के पानी का प्रवाह रुक गया है।
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