यह वृद्धि एक अगस्त को कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद हुई है। लगातार दो बढ़ोतरी से विमानन कंपनियों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। विमानन कंपनियों की परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत तक होती है। वाणिज्यिक एलपीजी की कीमत 19 किलोग्राम के सिलेंडर के लिए 2,738 रुपये से बढ़ाकर 2,747.50 रुपये कर दी गई है। बाजार मूल्य वाले पांच किलोग्राम के रसोई गैस एलपीजी सिलेंडर (जिसे पांच किलोग्राम एफटीएल कहा जाता है) की कीमत भी 762 रुपये से बढ़ाकर 764 रुपये कर दी गई है। कीमतों में यह वृद्धि लगातार दो महीने की कटौती के बाद हुई है। एक अगस्त को 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर 192 रुपये और एक जुलाई को 183.50 रुपये की कटौती की गई थी। एक जुलाई और एक अगस्त को वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में की गई दोनों कटौतियां पश्चिम एशिया संकट के कारण जून में कीमतों के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद हुई थीं। फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के बाद वाणिज्यिक एलपीजी की कीमत 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर 1,373 रुपये बढ़कर फरवरी के 1,740.50 रुपये से जून में 3,113.50 रुपये हो गई थी। एटीएफ और एलपीजी की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को संशोधन किया जाता है। यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय बाजार की संदर्भ कीमतों और विदेशी मुद्रा दरों के आधार पर होता है। स्थानीय करों, जैसे मूल्य वर्धित कर (वैट) के कारण कीमतें हर राज्य में अलग-अलग होती हैं। रसोई में इस्तेमाल होने वाले घरेलू एलपीजी की कीमत 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर के लिए 942 रुपये पर अपरिवर्तित रही। घरेलू एलपीजी की कीमत आखिरी बार सात जून को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 29 रुपये बढ़ाई गई थी। पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों में तेजी आने के बाद मार्च में कीमतों में 60 रुपये की वृद्धि हुई थी। मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इनके दाम भी फिलहाल अपरिवर्तित रखे गए हैं।
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