सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के एक नए फैसले के कारण देश में करीब 11 करोड़ टीवी बंद हो जाएंगे और टीवी ब्रॉडकास्टिंग सेवाएं कई गुना महंगी हो जाएंगी। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि नए नियम लागू होने के बाद DTH और केबल टीवी सेवाओं पर बड़ा असर पड़ेगा। हालांकि, सरकार की ओर से इस दावे को पूरी तरह गलत बताया गया है।
क्या किया जा रहा है दावा?
वायरल पोस्ट में कहा गया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 12 जून को ऐसे ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं, जिनके तहत टीवी ब्रॉडकास्टिंग और टेलीकॉम कंपनियों पर समान नियम लागू होंगे। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि इससे लाइसेंस फीस बढ़ेगी और सर्विस प्रोवाइडर अपने शुल्क 4 से 6 गुना तक बढ़ा देंगे। साथ ही यह भी दावा किया गया कि इससे DTH और केबल टीवी सेवाएं खत्म हो सकती हैं और लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।
PIB ने क्या कहा?
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह भ्रामक और फर्जी जानकारी है। PIB के अनुसार, केंद्र सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है जिससे टीवी सेवाओं का खर्च कई गुना बढ़ जाए या देश में टीवी प्रसारण सेवाएं बंद हो जाएं।
ड्राफ्ट नियमों का उद्देश्य क्या है?
PIB ने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीकम्युनिकेशंस (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। इस पर 27 जुलाई 2026 तक आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन ड्राफ्ट नियमों में किसी भी प्रकार की फीस बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है। इनका उद्देश्य केवल टीवी और रेडियो सेवाओं से जुड़े विभिन्न दिशानिर्देशों को एकीकृत कर व्यवस्था को सरल और अधिक प्रभावी बनाना है।
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