भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही घरेलू मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम (MPMS) को भी अपग्रेड करने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी।
क्या है इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की थी। पहले चरण में मुख्य रूप से चिप निर्माण और पैकेजिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था। अब दूसरे चरण यानी ISM 2.0 में सरकार का लक्ष्य केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाना भी होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस मिशन के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस योजना की घोषणा पहले ही केंद्रीय बजट में की जा चुकी थी।
…………..
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal