प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सेशेल्स के लिए रवाना हुए। इस दौरे के दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने एक बयान जारी कर कहा कि सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है और ‘विजन महासागर’ (MAHASAGAR) के साथ-साथ ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों को आगे बढ़ाने में एक अहम साझेदार भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत से वर्षों पुरानी मित्रता को और मजबूती मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2015 में सेशेल्स का दौरा किया था। भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच मजबूत संपर्कों पर आधारित लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी होने के कारण सेशेल्स, भारत के ‘विजन महासागर’ यानी क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास की साझा सोच तथा ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रमुख सहयोगी है। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का उपयोग सामान्यतः आर्थिक रूप से विकासशील और कम विकसित देशों के समूह के लिए किया जाता है। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा कि दोनों देश मिलकर अपने नागरिकों की प्रगति सुनिश्चित करने के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि वह 27 से 29 जून तक राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर हैं, जहां वह राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपनी यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए लिखा कि वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने जा रहे हैं और इस वर्ष यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि देश अपना स्वर्ण जयंती समारोह मना रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इसी वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पारस्परिक विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और दोनों देशों के नागरिकों के बीच गहरे आत्मीय संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की सफल भारत यात्रा के बाद अब वह इस दौरे के दौरान होने वाली वार्ताओं को लेकर उत्साहित हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने का काम करेंगी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वह भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। उन्होंने इसे दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने के लिए भी उत्सुक हैं। उनके अनुसार, वहां का भारतीय समुदाय पीढ़ियों से भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी यह यात्रा भारत और सेशेल्स के दशकों पुराने संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को नई मजबूती देगी तथा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal