प्रसिद्ध नीलामी घर ‘अष्टगुरु’ इस महीने ‘कलेक्टर्स च्वॉइस’ नाम से एक विशेष ऑनलाइन नीलामी आयोजित करने जा रहा है। इस नीलामी का सबसे बड़ा आकर्षण महान भारतीय चित्रकार राजा रवि वर्मा की दुर्लभ पेंटिंग ‘लिटिल प्रिंस ऑफ करेज’ होगी। नीलामीकर्ताओं को उम्मीद है कि इस पेंटिंग की कीमत 20 करोड़ से 30 करोड़ रुपये के बीच पहुंच सकती है।
पुदुक्कोट्टई के राजकुमार का शाही चित्र
‘लिटिल प्रिंस ऑफ करेज’ पेंटिंग में पुदुक्कोट्टई रियासत के युवा राजकुमार मार्तंड भैरव टोंडईमान को शाही वैभव और गरिमा के साथ चित्रित किया गया है। यह चित्र राजा रवि वर्मा की सबसे चर्चित शाही तस्वीरों में गिना जाता है। कला विशेषज्ञों के अनुसार, यह पेंटिंग न केवल अपनी उत्कृष्ट कलात्मकता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके पीछे जुड़ी ऐतिहासिक कहानी भी इसे खास बनाती है।
प्रेमिका के लिए छोड़ दिया था सिंहासन
इस चित्र के नायक राजकुमार मार्तंड भैरव टोंडईमान का जीवन भी काफी दिलचस्प रहा। बाद में उन्होंने औपनिवेशिक परंपराओं और शाही अपेक्षाओं को दरकिनार करते हुए अपनी ऑस्ट्रेलियाई प्रेमिका मौली फिंक से विवाह करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने अपना सिंहासन तक छोड़ दिया था। यही वजह है कि इस पेंटिंग को इतिहास और कला दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
एक संयोग से मिला था शाही परिवार का काम
नीलामी सूचीपत्र के अनुसार, वर्ष 1878 में त्रिचिनापल्ली रेलवे स्टेशन पर राजा रवि वर्मा की मुलाकात पुदुक्कोट्टई रियासत के नव नियुक्त सिरकेले (प्रधानमंत्री) ए. सशिया शास्त्री से हुई थी। इस आकस्मिक मुलाकात के बाद वर्मा को शाही परिवार के चित्रों की एक श्रृंखला तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। ‘लिटिल प्रिंस ऑफ करेज’ उसी श्रृंखला की प्रमुख कृतियों में से एक मानी जाती है।
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