भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में 9 जून 2026 की तारीख एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव की गवाह बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के दशकों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए, स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले ‘निर्वाचित’ प्रधानमंत्री का गौरव हासिल कर लिया है। 10 जून 2026 को पीएम मोदी के लगातार कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे हो गए हैं, जिसके साथ ही उन्होंने नेहरू जी के 4,398 दिनों के चुनावी कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार कर लिया।
देश और दुनिया से मिल रही बधाइयां
इस अभूतपूर्व मील के पत्थर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों के दौरान देश में जो क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं, उन्होंने वैश्विक पटल पर भारत के मान-सम्मान को एक नई ऊंचाई दी है।
वैश्विक स्तर पर भी इस उपलब्धि की गूंज सुनाई दे रही है। अमेरिकी सीनेट इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष और वरिष्ठ सांसद जॉन कॉर्निन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पीएम मोदी की सराहना की। उन्होंने लिखा, “1.4 अरब आबादी वाले लोकतांत्रिक देश में लगातार तीन बार भारी जनसमर्थन हासिल कर 4,399 दिनों तक नेतृत्व करना एक महान उपलब्धि है। भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर नरेंद्र मोदी जी को बधाई।” अमेरिकी सांसद ने आगे कहा कि 25 करोड़ नागरिकों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना और भारत को वैश्विक स्तर पर सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाना यह साबित करता है कि उनका कार्यकाल देश के लिए पूरी तरह ‘बदलाव लाने वाला’ रहा है। उन्होंने भारत-अमेरिका के वर्तमान संबंधों को अब तक का सबसे मजबूत दौर बताया।
कैसे बना यह महा-रिकॉर्ड?
आजादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कुल 16 साल 286 दिन देश का नेतृत्व किया था। हालांकि, साल 1952 में देश के पहले आम चुनाव के बाद एक ‘निर्वाचित’ प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 4,398 दिनों का रहा था। 26 मई 2014 को पहली बार देश की कमान संभालने वाले नरेंद्र मोदी ने बिना किसी रुकावट के तीन पूर्ण कार्यकाल (2014, 2019 और 2024) पूरे कर इस आंकड़े को पार कर लिया है। इससे पहले वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4,077 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ चुके हैं।
प्रशासनिक अनुभव में भी शीर्ष पर मोदी
यह रिकॉर्ड इस मायने में बेहद खास है क्योंकि यह पूरी तरह से लोकतांत्रिक और जनमत की स्थिरता को दर्शाता है। पीएम मोदी न केवल सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन गए हैं, बल्कि उनके नाम सरकार के मुखिया (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री मिलाकर) के रूप में सबसे अधिक समय तक रहने का रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनके शासन के कुल दिन 8,931 हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के सबसे लंबे समय तक सत्ता के शीर्ष पर रहने के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के ध्येय वाक्य पर आगे बढ़ रहा यह सफर भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और राजनीतिक स्थिरता का एक बड़ा उदाहरण है।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal