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विकास का रोल मॉडल योगी का ‘नया उत्तर प्रदेश’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम आज केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे प्रशासक के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने देश के सबसे बड़े राज्य की तस्वीर और तकदीर बदलने का प्रयास किया है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने जिस तरह विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश, कानून-व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बदलाव देखा है, उसने प्रदेश को राष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के केंद्र में ला खड़ा किया है। आज उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री, जन-जन के नेता, गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन है। ये अवसर इसलिए खास है, क्योंकि देश और दुनिया में आज जिस उत्तर प्रदेश के विकास की चर्चा हो रही है, उसका श्रेय योगी आदित्यनाथ को जाता है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने ‘जो कहा, वो करके दिखाया’। आज उत्तर प्रदेश की पहचान केवल जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़े राज्य की नहीं है, बल्कि देश की सबसे तेजी से बदलती अर्थव्यवस्थाओं में भी उसकी गिनती होने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विरासत और विकास’ के जिस मॉडल की बात की थी, वह अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। प्रयागराज महाकुंभ, अयोध्या, काशी, मथुरा, विंध्याचल और नैमिषारण्य जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों का विकास योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर बनने के बाद वहां देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अयोध्या अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार का भी बड़ा केंद्र बन चुका है। इसी तरह काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, विंध्यवासिनी धाम, बांके बिहारी कॉरिडोर और अन्य धार्मिक परियोजनाओं के माध्यम से सरकार ने सांस्कृतिक धरोहर को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया है। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का वैश्विक प्रवेश द्वार बन रहा है। जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का नया अध्याय माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद यह देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होगा। यह परियोजना केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, होटल, रियल एस्टेट और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार की योजना प्रदेश के सभी मंडलों को हवाई सेवाओं से जोड़ने की भी है, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले नमो भारत के नये कॉरिडोर को मंजूरी भी मिल चुकी है। अब जल्द ही दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट के बीच हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन दौड़ेगी और 20 मिनट में ये सफर पूरा हो जाएगा। करीब 11 से 12 स्टेशन का ये कॉरिडोर नोएडा एयरपोर्ट पर आवागमन को काफी आसान कर देगा। दिल्ली को जेवर को जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी RRTS की डीपीआर को योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है। गंगा एक्सप्रेसवे से बदलती दूरी, बदलती तस्वीर, योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गंगा एक्सप्रेसवे सबसे प्रमुख है। लगभग 600 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने का काम कर रहा है। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई और आसपास के जिलों को मिलने जा रहा है। इन क्षेत्रों से दिल्ली और एनसीआर तक की यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज होगी। जहां पहले कई घंटे अतिरिक्त लगते थे, वहीं एक्सप्रेसवे के माध्यम से परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आएगी। गंगा एक्सप्रेसवे केवल सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि इसके किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और निवेश क्षेत्र आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार पैदा कर सकते हैं।

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