संगीत की दुनिया का बड़ा नाम बन चुकी पलक मुच्छल आज यानी की 30 मार्च को अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं। पलक ने महज 4 साल की उम्र से गाना शुरू किया था। अपनी सुरीली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली पलक मुच्छल के गाने आज भी लोग बार-बार सुनना पसंद करते हैं। वहीं पलक के कई गाने यूट्यूब पर 500 मिलियन से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सिंगर पलक मुच्छल के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार
मध्य प्रदेश के इंदौर में 20 मार्च 1992 को पलक मुच्छल का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम राजकुमार मुच्छल और मां का नाम अमृता मुच्छल था। इनके घर में शुरू से ही संगीत का माहौल मिला। ऐसे में पलक ने भी क्लासिकल म्यूजिक की ट्रेनिंग ली। उनकी आवाज में बचपन से मिठास थी, जोकि लोगों को फौरन पसंद आ जाती थी। छोटी उम्र में ही पलक ने स्टेज पर परफॉर्म करना शुरूकर दिया था।
पहला एल्बम
महज 9 साल की उम्र में पलक ने पहला एल्बम ‘चाइल्ड फॉर चिल्ड्रन’ रिलीज कर दिया था। इससे उनको एक अलग पहचान मिली। उन्होंने साबित कर दिखाया कि टैलेंट उम्र का मोहताज नहीं है। जिसके बाद पलक ने कई एल्बम और गाने किए। जिनमें ‘आओ तुम्हें चांद पर ले जाएं’, ‘बेटी हूं महाकाल की’, ‘पलकें’, ‘दिल के लिए’ जैसे नाम शामिल हैं। धीरे-धीरे पलक की पहचान मजबूत होती चली गई।
बॉलीवुड में एंट्री
जब पलक ने बॉलीवुड में एंट्री ली, तो सलमान खान ने उनके टैलेंट को पहचाना। साल 2011 में फिल्म ‘दमादम’ से उन्होंने डेब्यू किया। इसके बाद पलक को फिल्म ‘एक था टाइगर’ के ‘लापता’ गाने से पहचान मिली। इसके बाद पलक मुच्छल को पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी। इसके बाद ‘गब्बर इज बैक’, ‘आशिकी 2’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘सनम रे’ जैसी फिल्मों में पलक के गाए गाने सुपरहिट साबित हुए।
समाजसेवा
सिंगर पलक मुच्छल सिर्फ सिंगिंग तक ही सीमित नहीं है। बल्कि वह समाजसेवा के लिए भी जानी जाती हैं। पलक ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा दिल के मरीज बच्चों के इलाज में लगाया है। वह अब तक करीब 2000 से अधिक बच्चों की सर्जरी में मदद कर चुकी हैं। इस नेक काम के लिए पलक का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है।
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