मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत जनपद मेरठ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) के लिए अवस्थापना विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन कार्यों पर लगभग ₹213.81 करोड़ खर्च किए जाएंगे। प्रदेश में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) द्वारा विकसित एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे) के किनारे 29 स्थानों पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मेरठ नोड में सड़क निर्माण, आरसीसी नालियां, आरसीसी कल्वर्ट, फायर स्टेशन, भूमिगत जलाशय, जलापूर्ति लाइन, फेंसिंग, बिजली व्यवस्था और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इन सभी कार्यों को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर कराया जाएगा। व्यय-वित्त समिति द्वारा इन कार्यों के लिए लगभग ₹21381.93 लाख की लागत का आकलन किया गया था, जिसे अब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस क्लस्टर के बनने से मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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