भारत और फ्रांस ने अपने रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए मंगलवार को 10 वर्षीय रक्षा सहयोग समझौते का नवीनीकरण किया। यह महत्वपूर्ण कदम छठे भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद के दौरान उठाया गया, जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनकी फ्रांसीसी समकक्ष कैथरीन वॉट्रिन ने
की। इस बैठक ने न केवल पुराने वादों को दोहराया, बल्कि भविष्य की रक्षा जरूरतों के लिए ठोस जमीन भी तैयार की।
भारत, फ्रांस ने हैमर मिसाइलों के निर्माण के लिए समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘10 वर्षीय रक्षा सहयोग समझौते के नवीनीकरण पर भारतीय पक्ष की ओर से रक्षा सचिव और फ्रांसीसी पक्ष की ओर से अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं रणनीति के उप महानिदेशक ने हस्ताक्षर किए।’’
बयान में आगे कहा गया कि भारत में हैमर मिसाइलों के निर्माण के लिए संयुक्त उद्यम संबंधी एक समझौते ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किया गया। यह समझौता ज्ञापन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) और सैफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष के बीच हुआ। बयान के
अनुसार, दोनों देशों ने भारतीय सेना और फ्रांसीसी थलसेना के प्रतिष्ठानों में परस्पर तैनाती अधिकारियों की घोषणा भी की।
हैमर मिसाइल और भारत की सुरक्षा
हैमर मिसाइलें अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं जो ऊबड़-खाबड़ इलाकों और लंबी दूरी से सटीक वार करने में सक्षम हैं। भारत में इनका निर्माण शुरू होने से न केवल भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित होगी। यह वार्ता भारत और फ्रांस के बीच अटूट विश्वास को दर्शाती है।
हिंद महासागर क्षेत्र में शांति बनाए रखने और रक्षा उपकरणों के साझा विकास के मामले में फ्रांस, भारत का सबसे विश्वसनीय साझेदार बनकर उभरा है।
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