प्रदेश में बड़े हो या छोटे पशु सभी का पूरा ब्योरा पशुपालकों से लेकर डिजिटल किया जाएगा। इससे टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशुधन बीमा, जन्म से लेकर मृत्यु तक की पूरी जानकारी ऑनलाइन रहेगी। इस व्यवस्था के लिए पशुपालन विभाग भारत पशुधन पोर्टल के अपग्रेड पोर्टल नेशनल डिजिटल लाइवस्टोक मिशन (एनडीएलएम) पर पशुओं का डाटा फीड करेगा। जिले में यह अभियान शुरू होने वाला है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने गाइडलाइन जारी होते ही बैठक करके कार्ययोजना बना ली है। शुरुआत गोवंश व महिषवंशीय पशुओं से होगी। इन पशुओं का फोटो, ईयर टैग नंबर, प्रजाति, रंग व पशुपालक का नाम व पता आदि एनडीएलएम पोर्टल पर फीड किया जाएगा। यह कार्य चिकित्सक, पशुधन प्रसार अधिकारी और ग्राम सचिव करेंगे। पोर्टल पर कृत्रिम गर्भाधान, सभी टीकाकरण, पशुधन बीमा, जन्म और मृत्यु समेत पूरा डाटा फीड किया जाएगा। इससे ऑनलाइन पता चलेगा कि कृत्रिम गर्भाधान हुआ या नहीं। कौन सा टीका कब लगा या नहीं लगा। इससे दोहराव नहीं होगा और वंचित होने पर पुष्टि होगी। पशुओं के जन्म और मरने पर फीडिंग की जाएगी। जो भी गतिविधियां होंगी वह पोर्टल पर अपडेट की जाएंगी। केंद्र व राज्य ऑनलाइन मॉनीटरिंग करेगा। पोर्टल पर वास्तविक डाटा से प्रगति कम होने पर उसकी पूर्ति की जाएगी। साथ ही अपडेट डाटा मिलने से समय-समय पर अभियान, योजनाएं और लक्ष्य निर्धारित करने में सहूलियत मिलेगी। जिले में 4.50 लाख गोवंश व महिषवंशीय पशु और 1.50 लाख बकरी हैं। दूसरे चरण में सभी छोटे पशुओं का डाटा डिजिटल किया जाएगा।
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