नगर निगम के कल्याण मंडपों का किराया 40 फीसदी तक और झूलेलाल वाटिका का दोगुना कर करने का प्रस्ताव मंगलवार को नगर निगम सदन की बैठक में पास कर दिया गया। इससे मांगलिक कार्य करने पर अधिक खर्च करना पड़ेगा। होटल-रेस्टोरेंट में खाना और अस्पताल-नर्सिंग होम में इलाज भी महंगा हो गया है।
सामाजिक कार्य के लिए झूलेलाल वाटिका का किराया 5 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया। व्यावसायिक कार्य के लिए अब 1.50 लाख के बजाए 3 लाख रुपये देने होंगे। व्यापारियों की आपत्ति और विरोध के बाद 21 ट्रेड सेक्टर में लाइसेंस शुल्क के फैसले को नगर निगम सदन ने वापस ले लिया है। इसके लिए समिति
गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट एक महीने बाद नगर आयुक्त और महापौर को सौंपी जाएगी। महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि कल्याण मंडप का किराया कई वर्षों से नहीं बढ़ाया गया था। सदन में 50 प्रतिशत किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन चर्चा के बाद 40 प्रतिशत ही बढोतरी पर सहमति बनी है।
नामांतरण शुल्क अब अधिकतम 10 हजार
भवनों के नाम परिवर्तन की नई दरें लागू करने के प्रस्ताव को बैठक में मंजूरी दे दी गई। लखनऊ नगर निगम (निर्धारण सूची में संशोधन और परिवर्तन) उपविधि 2025 को अगले वित्तीय वर्ष से लागू कर दिया जाएगा। उत्तराधिकार के प्रकरण में नामांतरण शुल्क 1000 वर्गफीट क्षेत्रफल तक 1000 रुपये और अधिकतम शुल्क
5,000 रुपये निर्धारित किया गया है। रजिस्ट्री के प्रकरणों में 5 लाख रुपये तक संपत्ति के मूल्य पर नामांतरण शुल्क न्यूनतम 3500 रुपये और 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य पर अधिकतम 10,000 रुपये रखा गया है।
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