स्विट्ज़रलैंड के दावोस में 19 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित 56वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक में प्रदेश सरकार ने निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि दावोस में लगभग ₹2.92 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव सुनिश्चित किए गए हैं,
इससे प्रदेश वैश्विक निवेश मानचित्र पर अग्रणी गंतव्य के रूप में उभरा है। सम्मेलन से लौटने के बाद लोक भवन में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री ने बताया कि सम्मेलन के दौरान प्रदेश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 119 महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिनके परिणामस्वरूप डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग,
डिफेंस, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, ईवी, हेल्थकेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में 31 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। सबसे बड़ा एमओयू नीदरलैंड की कंपनी एएम-ग्रीन के साथ हुआ है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा में 1 गीगावॉट एआई आधारित डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसमें वर्ष 2028 तक लगभग
₹2.10 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इससे प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। सोलर रूफटॉप, बैटरी एनर्जी स्टोरेज, सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पार्क
और कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण एमओयू किए गए हैं। इसके साथ ही स्टील, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 के क्षेत्र में भी वैश्विक कंपनियों ने यूपी में निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। वित्त मंत्री ने कहा कि दावोस में हुए सभी एमओयू के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से
सिंगल-विंडो सिस्टम के तहत विशेष टीम गठित की जाएगी, जिससे निवेशकों को हर स्तर पर त्वरित सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की विश्वसनीयता, मजबूत कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल नीतियों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। “पार्टनर विद भारत” थीम के तहत स्थापित यूपी पवेलियन
चारों दिन निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और आर्थिक मजबूती को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal