राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए अगले दो दशक बहुत अहम हैं। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य उन युवाओं पर निर्भर करता है जो वैज्ञानिक सोच रखते हैं, जिम्मेदारी से काम करते हैं और निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। राष्ट्रपति ने अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा संस्थानों से अपने छात्रों में इन मूल्यों को विकसित करने का आग्रह किया।उन्होंने युवा छात्रों से अपील की कि वे पेशा चुनते समय यह सुनिश्चित करें कि उनका योगदान राष्ट्र को मजबूत करे और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करे। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान मादक पदार्थों की समस्या पर भी बात की और कहा कि हाल के वर्षों में पंजाब के युवा इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या न केवल स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है, बल्कि समाज के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक ताने-बाने पर भी असर डाल रही है।
GDS Times | Hindi News Latest News & information Portal